Journal: शिक्षा संवाद (ISSN: 2348-5558)
Year: 2022 | Volume: 9 | Issue: 2 | Published on: 2022-12-31
लेखक: रामवृक्ष बेनीपुरी
कूटशब्द:
प्राचीन ऋषियों ने कहा था—चरैवेति, चरैवेति—चलते चलो, चलते चलो।
आधुनिक मानव कहता है—उड़ते चलो, उड़ते चलो।
प्राचीन ऋषियों का कहना है—पृथ्वी चल रही है, चंद्रमा चल रहा है, सूर्यदेवता चल रहे हैं, इसलिए तुम भी चलते चलो, चलते चलो।
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